फंदा टोल नाके से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 32 किमी की दूरी 28 मिनट में पूरी कर बंसल अस्पताल पहुंचाया; 35 वर्षीय मरीज को ट्रांसप्लांट होगा

इंदौर से 52 वर्षीय डेंटल सर्जन डॉ. सुनीता पाटिल का लीवर लेकर एंबुलेंस भोपाल पहुंची। एंबुलेंस ने करीब 207 किमी की दूरी 2 घंटे 35 मिनट में पूरी की। लीवर अस्पताल में भर्ती शुजालपुर निवासी 35 वर्षीय मरीज में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इसके लिए लीवर के पहुंचने से एक घंटे पहले ही डॉक्टरों की टीम ने तैयारी शुरू कर दी थी। मरीज को ओटी में ले लिया था। एंबुलेंस के पहुंचने पर लीवर सीधे ओटी में ले जाया गया। डॉक्टर के अनुसार ट्रांसप्लांट करने में 5 से 6 घंटे लगेंगे।
इंदौर से भोपाल के लिए लीवर लेकर निकली एंबुलेंस के लिए चोईथराम अस्पताल से बायपास तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। इसके बाद एंबुलेंस लीवर लेकर फंदा टोल नाका पहुंची। यहां से बंसल अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। करीब 32 किमी की दूरी एंबुलेंस ने 28 मिनट में पूरी की। इससे पहले भोपाल में जनवरी 2021 में बंसल अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। अस्पताल से एक मरीज का लीवर भोपाल से विमान से दिल्ली के एक अस्पताल पहुंचाया गया था।
सड़क हादसे में घायल हुई थीं, डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया था
बता दें 52 वर्षीय डॉ. सुनीता पिछले दिनों सड़क हादसे में घायल हो गई थी, जिस पर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान उनके ब्रेन डेड की स्थिति को देखते हुए उन्हें चोइथराम अस्पताल में रैफर किया गया था। बुधवार शाम 6 बजे डॉक्टरों की कमेटी ने ब्रेन डेड सर्टिफाइड किया। परिवार की सहमति के बाद इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन सक्रिय हुई और इंदौर कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा से चर्चा कर ग्रीन कॉरिडोर तैयार करवाया।
किडनी दूसरे मरीज को दी गई
इसके बाद डॉ. सुनीता की एक किडनी चोइथराम अस्पताल में भर्ती एक मरीज तथा दूसरी सीएचएल अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ट्रांसप्लांट की गई। वहीं, लीवर को भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में भर्ती एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट के शाम 7.45 बजे रवाना किया गया। एंबुलेंस बंसल अस्पताल 10.20 बजे पहुंची। वहीं, चोइथराम अस्पताल से लेकर सीएचएल हॉस्पिटल तक 7 किमी की दूरी करीब 9 मिनट में तय कर किडनी पहुंचाई गई।


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