उज्जैन के नजदीक घट्टिया तहसील में मौजूद इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के बॉटलिंग प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। यहां एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की सफाई कर रहे दो लोगों की गिरने से मौत हो गई। दोनों के शवों को देर रात तक नहीं निकाला जा सका है। रात 9.45 बजे नागदा (उज्जैन) के ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से टीम पहुंची है। वहीं, प्रशासन एनडीआरएफ और इंडस्ट्रीयल हेल्थ एंड सेफ्टी ऑफिसर की टीम से भी लगातार संपर्क में है।
नाराज परिजनों ने चक्का जाम किया, पुलिस ने 10 मिनट में हटाया
परिजनों को अंदर नहीं जाने देने से नाराज करणी सेना के पदाधिकारियों ने उज्जैन-आगर-झालावाड़ मार्ग जाम कर दिया। हालांकि 10 मिनट बाद ही घटिया पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खोल दिया। घटि्टया थाना टीआई विक्रमसिंह चौहान ने बताया कि चक्का जाम प्रतीकात्मक था। थोड़ी ही देर में प्रदर्शन कर रहे लोगों हटाकर ट्रैफिक खोल दिया गया।
दोपहर 3.30 बजे हुए हादसा
हादसा दोपहर 3.30 बजे हुआ। मृतकों के नाम लखनसिंह राजपूत (30) निवासी लाबीखेड़ी और राजेंद्रसिंह राजपूत (27) निवासी ग्राम जलवा थाना राघवी हैं। घटना की जानकारी प्रशासन को शाम 5.30 बजे दी गई। इसके बाद अफसर मौके पर पहुंचे।
जरूरत पड़ी तो एनडीआरएफ बुलाएंगे
एडीएम संतोष टैगोर और एसडीएम गोविंद दुबे ने प्लांट पर पहुंचकर गैल के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। एडीएम टैगोर ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने शाम 5.30 बजे हादसे की जानकारी दी और रेस्क्यू के लिए मदद मांगी। चूंकि मामला काफी तकनीकी है, इसलिए एनडीआरएफ और इंडस्ट्रीयल हेल्थ एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की मदद लेकर ही आगे बढ़ेंगे। मामले की पुलिस जांच की जाएगी। मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद की कोशिश करेंगे
ये भी हुआ
- मौके पर मौजूद ग्रामीणों और मृतकों के रिश्तेदारों का आरोप है कि प्लांट में काम कर रहे श्रमिकों को अंदर ही रोक लिया गया था। छुट्टी होने के बाद भी उन्हें बाहर नहीं जाने दिया।
- श्रमिकों को भीतर ही रोक लिया
- गार्ड ने भी विवाद किया, मृतकों के परिजनों को भी बाहर ही रोक दिया
- मौके पर भारी पुलिस बल तैनात




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