
अश्विन शुक्ल दशमी को विजयादशमी पर भगवान श्री महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर दशहरा मैदान सीमान्लंघन के लिए निकली। दशहरा मैदान में शमी के वृक्ष के नीचे बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया गया। सवारी मार्ग पिछले वर्ष अनुसार होकर केवल स्टाफ ही सवारी के साथ चल रहे हैं।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सायं पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं को श्री महाकालेश्वर भगवान के श्री होल्कर (मुखारविंद) स्वरूप के दर्शन देने के लिए रवाना हुए। आज ही श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार महाकाल मंदिर के शिखर पर ध्वज बदला जाएगा।
उज्जयिनी की अधिष्ठात्री माता अवंतिका देवी मंदिर में पूर्णआहुति
नवरात्रि के प्रथम दिवस से उज्जैन स्थित द्वितीय शक्तिपीठ, मां अवंतिका देवी मंदिर में पूर्ण विधि विधान से प्रारंभ नव चंडी पाठ की पूर्णाहुति, यज्ञ-हवन व माताजी की महाआरती के साथ आज नवमी पर सम्पन्न हुई।
सभा मंडप स्थित राममंदिर के पुजारी पंडित लोकेंद्र विश्वनाथ व्यास ने बताया कि नवरात्रि के शुभ पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित मां अन्नपूर्णा देवी, मां भद्रकाली, मां गायत्री के मंदिरों में नवमी पर विशेष पूजन किया गया।




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