मध्यप्रदेश में बादल छाने से प्रदेश भर में दिन के तापमान में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है। ग्वालियर और छतरपुर के नौगांव में पारा सबसे कम रहा। यहां तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। यह पारा सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश के अधिकांश इलाकों में पहली बार अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया। अति शीतलहर की चपेट में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, गुना, बैतूल, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और उमरिया में दिन का पारा 5 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। दिन में बादल छाने के कारण रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।
पाकिस्तान से आ रही हवाओं की वजह से मध्यप्रदेश में कोहरा और बादल छा रहे हैं। दिन में ठिठुरन है। अधिकांश इलाकों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा, मलाजखंड, सिवनी और मंडला में बौछारें पड़ीं। मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह के मुताबिक कल रविवार से नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है। आज रात से ही इसका असर दिखने लगेगा। ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। बादल छाने से दिन का तापमान 20 डिग्री के आसपास ही रह सकता है।
फिलहाल मध्यप्रदेश में ठंड का जोर जारी है। चौबीस घंटे के दौरान तापमान में ज्यादा अंतर नजर नहीं आया। अधिकांश इलाकों में रात का पारा 10 डिग्री से कम या इसके आसपास ही बना हुआ है। दिन का पारा 20 डिग्री के आसपास अटक गया है। शुष्क और सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन है।
रात का पारा कुछ उछला
प्रदेश में रात के पारे में हल्का उछाल आया है। यह असर पाकिस्तान से आने वाली हवाओं के कारण हुआ है। अगले चार दिन तक इसी तरह तापमान बढ़ सकता है। रात का पारा कहीं-कहीं 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि 16 जनवरी और 18 जनवरी को लगातार दो और सिस्टम बनने की संभावना है। अभी चल रहे सिस्टम बहुत ही कमजोर थे। ऐसे में उनका असर ज्यादा नहीं रहा। आने वाले समय में बन रहे सिस्टम कुछ मजबूत हैं। इसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा।
यहां रात का पारा सबसे कम रहा
| शहर | तापमान |
| नौगांव | 5.6 |
| गुना | 5.7 |
| दतिया | 7.0 |
| रतलाम | 7.0 (डिग्री सेल्सियस में) |
प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में रात का तापमान
| शहर | तापमान |
| ग्वालियर | 07.2 |
| इंदौर | 09.1 |
| भोपाल | 09.7 |
| जबलपुर | 11.7 (डिग्री सेल्सियस में) |



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